ईरान के साथ जारी संघर्ष में दुनिया का सबसे अमीर देश अमेरिका हर दिन अपने खजाने से करीब 891 मिलियन डॉलर (लगभग 8,223 करोड़ रुपये)खर्च कर रहा है। युद्ध के पहले ही सप्ताह में कुल खर्च करीब 6 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह आंकड़ा दसियों अरब डॉलर तक जा सकता है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ने अमेरिकी कांग्रेस को बताया कि युद्ध के पहले हफ्ते में करीब 6 अरब डॉलर खर्च हुए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रिपब्लिकन नेताओं को उम्मीद है कि प्रशासन को आगे और फंडिंग के लिए कांग्रेस से अतिरिक्त बजट मांगना पड़ सकता है।

एक हफ्ते में भारी खर्च

अमेरिका ने ईरान के साथ जारी संघर्ष में सिर्फ एक हफ्ते में ही इतना पैसा खर्च कर दिया है, जो दुनिया के कई छोटे देशों की पूरी जीडीपी से भी ज्यादाहै। तुलना करें तो 891 मिलियन डॉलर प्रतिदिन का खर्च भारत के पूरे सालाना अंतरिक्ष बजट से भी ज्यादा है।

पहले हफ्ते में हुए 6 अरब डॉलर के कुल खर्च में से लगभग 4 अरब डॉलर सिर्फ हथियारों पर खर्च किए गए। इनमें खासतौर पर ईरानी मिसाइलों को रोकने के लिए इस्तेमाल किए गए इंटरसेप्टर सिस्टम शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह खर्च पिछले साल ईरान के परमाणु ठिकानों पर दो घंटे तक चलाए गए हमले “ऑपरेशन मिडनाइट हैमर” से भी ज्यादा है।

रोजाना किन चीजों पर हो रहा खर्च

CSIS की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के साथ संघर्ष के दौरान अमेरिका का रोजाना खर्च कुछ इस तरह है:

  • हवाई अभियान: करीब 30 मिलियन डॉलर प्रतिदिन
  • नौसैनिक अभियान: करीब 15 मिलियन डॉलर प्रतिदिन
  • जमीनी अभियान: करीब 1.6 मिलियन डॉलर प्रतिदिन

इस समय इलाके में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या 50,000 से ज्यादा हो चुकी है। इनमें दो एयरक्राफ्ट कैरियर, करीब एक दर्जन युद्धपोत और कई बमवर्षक व लड़ाकू विमान शामिल हैं। CSIS का अनुमान है कि अगर अमेरिका सस्ते हथियारों का इस्तेमाल शुरू करता है और ईरान की ड्रोन व मिसाइल हमलों की संख्या कम होती है, तो आगे चलकर रोजाना का खर्च कुछ कम हो सकता है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *